Posted in

राजीव दीक्षित जी के अनुसार किडनी फेल्योर का देसी इलाज — नीम और तुलसी का रस

Rajiv Dixit's remedies for kidney failure are those whose kidneys are not failing, how can they prevent their kidneys from failing by following the rules and drinking basil juice.

भारत के महान विचारक और स्वदेशी चेतना के प्रतीक राजीव दीक्षित जी हमेशा कहते थे —

“भारत की धरती पर ऐसा कोई रोग नहीं जो हमारी जड़ी-बूटियाँ ठीक न कर सकें।”

उन्होंने आयुर्वेद को सिर्फ़ चिकित्सा नहीं, बल्कि जीवन जीने की विधा बताया।
किडनी फेल्योर जैसी भयंकर बीमारी, जिसे आज के दौर में लाइलाज माना जाता है,
राजीव जी के अनुसार प्रकृति के दो अमृत — नीम और तुलसी के रस से नियंत्रित की जा सकती है।


🩸 किडनी फेल्योर क्या है?

किडनी हमारे शरीर का फ़िल्टर है। यह खून को साफ़ करती है, यूरिया और विषैले तत्वों को बाहर निकालती है।
लेकिन जब यह काम रुक जाता है, तो शरीर में ज़हर फैलने लगता है।
डॉक्टर इसे किडनी फेल्योर कहते हैं — जहां मरीज को डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की ज़रूरत पड़ती है।

राजीव दीक्षित जी का मानना था कि किडनी फेल्योर का मूल कारण शरीर में विष का जमाव (Toxins) है।
अगर यह विष निकाल दिया जाए, तो शरीर खुद अपनी मरम्मत शुरू कर देता है।
यहीं पर आते हैं नीम और तुलसी — दो ऐसी जड़ी-बूटियाँ जो शरीर को भीतर से साफ़ करती हैं।


🌿 नीम के पत्तों का रस — शरीर से विष निकालने की औषधि

राजीव दीक्षित जी कहते थे —

“नीम धरती का सबसे बड़ा डॉक्टर है, इसका हर पत्ता एक दवा है।”

नीम में शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और ब्लड-प्यूरिफाइंग गुण होते हैं।
यह किडनी पर जमा विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है और रक्त को शुद्ध करता है।

🌱 कैसे लें नीम का रस:

  • सुबह-सुबह खाली पेट 8–10 ताज़े नीम के पत्ते लें।
  • उन्हें अच्छी तरह धोकर पीस लें।
  • एक कपड़े से छानकर उसका रस निकालें।
  • आधा गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर धीरे-धीरे पिएँ।

⚕️ लाभ:

  • शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।
  • किडनी पर बोझ घटता है।
  • क्रिएटिनिन और यूरिया का स्तर नियंत्रित रहता है।
  • ब्लड शुगर भी संतुलित रहता है।

🕒 सेवन अवधि: 15 दिन लगातार लें, फिर 5 दिन का विराम दें,
फिर दोबारा 15 दिन का कोर्स दोहराएँ।


🌿 तुलसी के पत्तों का रस — किडनी को ऊर्जा देने वाला अमृत

राजीव दीक्षित जी तुलसी को “देसी एंटीबायोटिक” कहते थे।
उनका कहना था कि —

“तुलसी केवल पवित्र नहीं, बल्कि शरीर की रक्षक भी है।”

तुलसी का रस मूत्रमार्ग को साफ़ करता है, किडनी की सूजन कम करता है,
और छोटे-छोटे किडनी स्टोन को गलाने में भी मदद करता है।

🌱 कैसे लें तुलसी का रस:

  • 10–12 ताज़े तुलसी के पत्ते लें।
  • उन्हें पीसकर रस निकालें।
  • एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर पिएँ।

📅 समय: नीम के रस के 20–30 मिनट बाद।

⚕️ लाभ:

  • किडनी की सूजन कम करता है।
  • पेशाब की जलन व ब्लॉकेज दूर करता है।
  • पत्थरी को गलाने में सहायक।
  • शरीर में रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है।

🧘‍♂️ राजीव दीक्षित जी के अनुसार नीम + तुलसी का संयुक्त सेवन

राजीव जी कहते थे कि अगर किसी व्यक्ति की किडनी कमजोर है,
तो नीम और तुलसी के रस का संयोजन एक “प्राकृतिक डिटॉक्स कोर्स” की तरह काम करता है।

🕔 सेवन विधि:

  1. सुबह उठकर सबसे पहले नीम का रस लें।
  2. 30 मिनट बाद तुलसी का रस लें।
  3. दिन में खूब सादा पानी पिएँ और हल्का आहार लें।

ऐसा लगातार 30 दिन करने से किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे सुधारने लगती है।
राजीव जी कहते थे —

“अगर आप शरीर को प्रकृति के हवाले कर दें, तो बीमारी भाग जाएगी।”


🧠 राजीव दीक्षित जी के अन्य सुझाव किडनी रोगियों के लिए

  • भोजन में नमक और प्रोटीन की मात्रा कम रखें।
  • बाज़ार की अलोपैथिक दवाओं का अत्यधिक सेवन न करें।
  • शुद्ध जल (मिट्टी के घड़े का पानी) पिएँ।
  • हर दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें और योग करें।

⚠️ डिस्क्लेमर (Disclaimer):

यह लेख राजीव दीक्षित जी के आयुर्वेदिक विचारों और स्वदेशी चिकित्सा सिद्धांतों पर आधारित है।
इसमें बताई गई जड़ी-बूटियाँ सामान्यतः सुरक्षित हैं, लेकिन किडनी रोग एक गंभीर स्थिति है।
इसलिए किसी भी घरेलू या आयुर्वेदिक उपाय को अपनाने से पहले
कृपया किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
यह लेख केवल शैक्षणिक और जनजागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है।


✍️ लेखक परिचय (Author):

अभिषेक चौहान
एक अनुभवी हेल्थ और फिटनेस ब्लॉगर हैं, जिन्हें 10 वर्षों का अनुभव है।
वे एक प्रमाणित न्यूट्रिशनिस्ट हैं और “Care for All Health & Fitness” यूट्यूब चैनल चलाते हैं,
जहां वे आयुर्वेद, प्राकृतिक स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़ी उपयोगी जानकारी साझा करते हैं।

🌐 वेबसाइट: https://naturaladda.in
📺 यूट्यूब: Care for All – Health & Fitness


❓ FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

1. क्या नीम और तुलसी का रस रोज़ लिया जा सकता है?
→ हाँ, लेकिन सीमित मात्रा में। 15 दिन के बाद 5 दिन का ब्रेक अवश्य लें।

2. क्या इनसे किडनी फेल्योर पूरी तरह ठीक हो सकता है?
→ शुरुआती अवस्था में लाभदायक हो सकता है, लेकिन गंभीर अवस्था में डॉक्टर की निगरानी जरूरी है।

3. क्या डायबिटीज़ वाले लोग भी नीम का रस ले सकते हैं?
→ हाँ, लेकिन मात्रा कम रखें और शुगर लेवल नियमित जांचें।

4. क्या यह उपाय एलोपैथिक इलाज के साथ किया जा सकता है?
→ नहीं। बिना डॉक्टर की सलाह के दोनों पद्धतियों को एक साथ न अपनाएँ।

5. क्या यह उपाय हर उम्र के व्यक्ति के लिए सुरक्षित है?
→ सामान्यतः सुरक्षित है, लेकिन बुजुर्ग या गंभीर मरीज आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें।


Reference

  1. “Fact Check: Can Neem Juice and Peepal Juice Cure Kidney Failure in 3 Months?” — Medical Dialogues द्वारा एक जांच-रिपोर्ट, जिसमें बताया गया है कि हालांकि नीम और पीपल जूस के लाभ हो सकते हैं, लेकिन ये किडनी फेल्योर को तीन महीने में पूरी तरह ठीक नहीं कर सकते।
  2. “How Tulsi Help in Preventing Kidney Disease?” — ब्लॉग पोस्ट जिसमें बताया गया है कि कैसे तुलसी (Holy Basil) मूत्र प्रणाली और किडनी स्वास्थ्य के लिए समर्थ हो सकती है।
  3. “Tulsi – Ocimum sanctum: A herb for all reasons” — एक वैज्ञानिक समीक्षा (PMC) जिसमें तुलसी के व्यापक स्वास्थ्य लाभों का विश्लेषण किया गया है।

लेखक के बारे में – अभिषेक चौहान

अभिषेक चौहान एक प्रमाणित न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ & फिटनेस एक्सपर्ट हैं, जिन्हें फिटनेस और वेलनेस इंडस्ट्री में 15+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव है। वह AyurvedicGuru.in के संस्थापक हैं, जहाँ वे आयुर्वेदिक जीवनशैली, प्राकृतिक उपचार, घरेलू उपाय, पोषण, फैट लॉस और संपूर्ण स्वास्थ्य से जुड़ी रिसर्च-आधारित और व्यावहारिक जानकारी साझा करते हैं।

अभिषेक चौहान का मानना है कि सही जानकारी, संतुलित जीवनशैली और प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर लोग बिना अनावश्यक दवाओं और साइड इफेक्ट्स के एक स्वस्थ, मजबूत और बेहतर जीवन जी सकते हैं। उनका उद्देश्य लोगों को ईमानदार, सरल और व्यावहारिक हेल्थ गाइडेंस देना है, जिसे वे अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आसानी से लागू कर सकें।

अभिषेक चौहान एक प्रमाणित न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ & फिटनेस एक्सपर्ट हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 15+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव है। वह AyurvedicGuru.in & Naturaladda.in के संस्थापक हैं और प्राकृतिक उपचार, घरेलू नुस्खों, जड़ी-बूटियों, आयुर्वेदिक जीवनशैली, डिटॉक्स, इम्युनिटी बूस्टिंग और रोग-प्रतिरोधक उपायों पर रिसर्च-आधारित जानकारी साझा करते हैं।

उनका उद्देश्य लोगों को बिना साइड इफेक्ट वाले प्राकृतिक तरीकों से स्वस्थ, मजबूत और रोगमुक्त जीवन जीने के लिए सही मार्गदर्शन देना है।

One thought on “राजीव दीक्षित जी के अनुसार किडनी फेल्योर का देसी इलाज — नीम और तुलसी का रस

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *