आयुर्वेद में गिलोय को अमृत कहा गया है। इसका अर्थ यह नहीं कि इसे लेने वाला कभी नहीं मरता, बल्कि इसका वास्तविक अर्थ है कि गिलोय शरीर को इतना मजबूत बना देती है कि इंसान अपनी पूर्ण आयु स्वस्थ रूप से जी सके। सदियों से ऋषि‑मुनि गिलोय का उपयोग करते आ रहे हैं। आज के आधुनिक समय में भी गिलोय के फायदे उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे।
गिलोय की डंडी (स्टेम) और इसकी जड़ – दोनों ही औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। यही कारण है कि आज बाजार में गिलोय घनवटी, गिलोय पाउडर और काढ़ा आसानी से उपलब्ध है।
1. इम्युनिटी बढ़ाने में गिलोय के फायदे
गिलोय को एक शक्तिशाली इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं, खून को शुद्ध करते हैं और टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं। यही वजह है कि नियमित सेवन से बार‑बार बीमार पड़ने की समस्या कम होती है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका शरीर अंदर से मजबूत बने, तो गिलोय के फायदे आपको जरूर मिलेंगे।
2. बुखार, डेंगू और वायरल में गिलोय के फायदे
गिलोय की सबसे बड़ी खासियत है इसकी एंटी‑पायरेटिक प्रकृति। यानी यह शरीर का बढ़ा हुआ तापमान नियंत्रित करने में मदद करती है। क्रॉनिक बुखार, वायरल फीवर, डेंगू, चिकनगुनिया जैसे मामलों में आयुर्वेद में गिलोय को बहुत प्रभावी माना गया है।
एलोपैथी की पैरासिटामोल के मुकाबले, गिलोय प्राकृतिक तरीके से शरीर को रिकवर करने में मदद करती है।
3. पाचन तंत्र सुधारने में गिलोय के फायदे
अगर आपको कब्ज, गैस, अपच, लूज मोशन या पेट से जुड़ी कोई भी समस्या रहती है, तो गिलोय के फायदे यहां भी नजर आते हैं। गिलोय में मौजूद प्राकृतिक एंजाइम्स पाचन तंत्र को संतुलित करते हैं और ऑर्गन्स को उनकी प्राकृतिक क्षमता के अनुसार काम करने में मदद करते हैं।
आंवला के साथ गिलोय का सेवन पेट साफ रखने में विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
4. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में गिलोय के फायदे
गिलोय में हाइपोग्लाइसेमिक गुण पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक होते हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए गिलोय एक सहायक आयुर्वेदिक विकल्प हो सकती है, हालांकि नियमित दवाओं के साथ डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के प्राकृतिक उपाय
5. तनाव और कमजोरी में गिलोय के फायदे
गिलोय को एडैप्टोजेनिक हर्ब माना जाता है। इसका मतलब है कि यह शरीर को शारीरिक और मानसिक तनाव से लड़ने की क्षमता देती है। चाहे आप फिजिकल मेहनत करते हों या मानसिक दबाव वाली जॉब में हों, गिलोय के फायदे आपको ऊर्जा और संतुलन देने में मदद करते हैं।
गिलोय कुछ हद तक थायराइड में भी मदद करता है

6. सर्दी‑जुकाम और सांस की समस्याओं में गिलोय के फायदे
गिलोय में एंटी‑इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पूरे रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत करते हैं। बार‑बार सर्दी, जुकाम, खांसी, कफ और सांस की तकलीफ में गिलोय लाभकारी मानी जाती है।
अस्थमा जैसी समस्या में भी गिलोय की जड़ का उपयोग आयुर्वेद में बताया गया है।
7. जोड़ों के दर्द और अर्थराइटिस में गिलोय के फायदे
जोड़ों के दर्द और सूजन में गिलोय के अंदर मौजूद विशेष एंजाइम्स राहत देते हैं। दूध में गिलोय उबालकर सेवन करने से अर्थराइटिस के लक्षणों में सुधार देखा गया है। यह हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाने में मदद करती है।
8. आंखों और स्किन के लिए गिलोय के फायदे
गिलोय का पानी आंखों में लगाने से दृष्टि संबंधी समस्याओं में लाभ बताया गया है। इसके अलावा, गिलोय के फायदे स्किन पर भी दिखते हैं – पिंपल्स, दाग‑धब्बे, झुर्रियां और एजिंग के लक्षण कम होते हैं।
यह शरीर को अंदर से डिटॉक्स करके स्किन को प्राकृतिक चमक देती है।
गिलोय सेवन करने का सही तरीका
- 6–7 इंच गिलोय की डंडी
- दूध या पानी में उबालकर सेवन
- बाजार में उपलब्ध गिलोय घनवटी का उपयोग भी किया जा सकता है
नियमित और सीमित मात्रा में सेवन से गिलोय के फायदे लंबे समय तक मिलते हैं।
पतंजलि गिलोय घनवटी टेबलेट ओरिजिनल
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
गिलोय को अमृत क्यों कहा जाता है?
आयुर्वेद में गिलोय को अमृत इसलिए कहा गया है क्योंकि यह शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, खून को शुद्ध करने और अंदरूनी कमजोरी को दूर करने में मदद करती है। गिलोय का अर्थ अमरता नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन से है।
रोजाना गिलोय का सेवन करना सुरक्षित है क्या?
हाँ, सीमित मात्रा में गिलोय का नियमित सेवन सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है।
6–7 इंच गिलोय की डंडी या बाजार में मिलने वाली गिलोय घनवटी का सेवन किया जा सकता है।
हालांकि, किसी गंभीर बीमारी में डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
गिलोय किन बीमारियों में सबसे ज्यादा फायदेमंद है?
गिलोय के फायदे खासतौर पर इन समस्याओं में बताए जाते हैं:
1. कमजोर इम्युनिटी
2. बार-बार बुखार और वायरल
3. पाचन संबंधी समस्याएं
4. जोड़ों का दर्द और सूजन
5. सर्दी-जुकाम और सांस की दिक्कत , etc.
क्या गिलोय डायबिटीज (शुगर) के मरीजों के लिए लाभकारी है?
गिलोय में पाए जाने वाले प्राकृतिक गुण ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक माने जाते हैं।
लेकिन डायबिटीज के मरीजों को गिलोय को सपोर्टिंग हर्ब की तरह लेना चाहिए, दवा का विकल्प नहीं।
गिलोय कैसे लें – काढ़ा, जूस या टैबलेट?
गिलोय लेने के तीन सामान्य तरीके हैं:
1. ताजी गिलोय की डंडी उबालकर
2. गिलोय का जूस
3. गिलोय घनवटी (टैबलेट)
तीनों ही तरीकों से गिलोय के फायदे मिल सकते हैं, बस गुणवत्ता और मात्रा का ध्यान रखें।
निष्कर्ष
गिलोय केवल एक जड़ी‑बूटी नहीं, बल्कि आयुर्वेद का अमूल्य खजाना है। इम्युनिटी से लेकर पाचन, शुगर, जोड़ों का दर्द, स्किन और तनाव – हर जगह गिलोय के फायदे साफ दिखाई देते हैं। अगर सही तरीके से और नियमित रूप से इसका उपयोग किया जाए, तो यह आपको लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकती है।

BAHUT HI SAHI JANKARI…..